मावंडा कला की पहाड़ियों से उतरकर साेमवार की पैंथर बछड़े को उठा ले गया। दहशत के चलते ग्रामीणों व चारवाहों ने पहाड़ी पर पशुओं को ले जाना बंद कर दिया है। अब तक करीब आधा दर्जन बकरियों को पैंथर ने शिकार बना लिया है। तीन दिन से पैंथर मावंडा कला की पहाड़ियों में है। रात को उसकी दहाड़ सुनाई देती है।
पैंथर के आबादी में आने के डर से ग्रामीणों ने सुरक्षा की मांग की है। कई युवक पहाड़ी पर पैंथर को देखने भी गए, लेकिन दहशत के कारण आगे नहीं बढ़ सके। सोमवार को पहाड़ी पर खड़े पैंथर के युवकों ने फोटो भी लिए। पैंथर को देखने के लिए कई लोग पहाड़ी पर चढ़ने लगे। बाद में ग्रामीणों ने युवकों को रोक लिया।
उम्मेद सिंह, जितेन्द्र सिंह, सुरेन्द्र सिंह, श्रवण सिंह आदि ने बताया कि पैंथर के कारण लोग घरों से बाहर निकलने में डरने लगे हैं। वन विभाग के अधिकारियों से सुरक्षा की मांग की है, ताकि पैंथर आबादी में न आए।
आधा दर्जन पैंथर हैं इलाके में : क्षेत्रीय वन अधिकारी श्रवण सिंह बाजिया ने बताया कि नीमकाथाना व पाटन वन क्षेत्र में करीब आधा दर्जन पैंथर हैं। मावंडा कला की पहाड़ी में पैंथर द्वारा बछड़े के शिकार की सूचना नहीं मिली है। पाटन रेंज के एक गांव में दो-तीन दिन से पैंथर का मूवमेंट है। वन्यजीवों की सुरक्षा को लेकर निगरानी रखी जा रही है।
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