जोधपुर
नगर निगम के निकाय चुनाव में टिकट बंटवारे को लेकर राजनीतिक पार्टियों की माथापच्ची तेज हो गई है। पार्टियां टिकट के दौरान प्रत्याशी की हैसियत, क्षेत्र में वर्चस्व व जातिगत समीकरण सहित कई पहलू देख रही है। बड़ी बात ये भी सामने आ रही है कि जिन दावेदारों के घर से एक बार टिकट मिल गया, उनका कोई प्रत्याशी हार गया तो ऐसे लोगों को टिकट देने में पार्टी को ज्यादा सोचना पड़ रहा है। कांग्रेस व भाजपा पार्टी ऐसे उम्मीदवारों पर मंथन कर रही है कि इस बार एक परिवार में दूसरी बार क्या गणित सेट कर दोबारा टिकट दिया जाए।
लगातार पार्षद बनने वाले ओवर कांफिडेंस में
एक से अधिक बार पार्षद बने प्रत्याशी भी ओवर कांंफि डेंट है कि उन्हें इस बार टिकट मिल जाएगा और वे फि र जीत जाएंगे। लेकिन राजनीतिक पार्टियां नए वार्ड के साथ नए उम्मीदवार भी मैदान में उतार सकती है। क्योंकि काफ ी हद तक नए वार्ड बनने से वोट बैंक का समीकरण बदला है। लगातार जीत चुके भाजपा व कांग्रेस के प्रत्याशियों को हराना भी नए उम्मीदवारों के लिए बड़ी चुनौती है।
भोळावण देने का काम शुरू
नगर निगम चुनाव की तारीखों की घोषणा के बाद कई पार्टी के कांंफि डेंट प्रत्याशियों ने अपने दावेदारी और टिकट मिल जाने की पुख्ता जानकारी भी समर्थकों को देना शुरू कर दिया है। साथ ही भोलावण दे रहे है कि उन्हें चुनाव में इस बार हर हाल में जितवाना है।
प्रत्याशी मजबूत कर रहे अपनी आइटी सेल
कई दावेदारों को अंदरखाने मेसेज मिल गया है कि उन्हें टिकट मिलने वाला है। इसलिए वे अपनी आइटी सेल मजबूत करने में जुट गए है। कई निर्दलीयों ने अपनी आइटी सेल संभालने की जिम्मेदारी समर्थकों व परिजनों को दे दी है। निर्दलीय सोशल मीडिया पर प्रचार में जुट गए हैं।
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