पाली। कोरोना की दूसरी लहर का वायरस फेफड़ों की ताकत को लगभग पूरी तरह से खत्म कर रहा है। फेफड़े हवा में घुली ऑक्सीजन को खींच तक नहीं पा रहे है। ऐसे में बांगड़ चिकित्सालय सहित जैतारण, सोजत, बाली, सादड़ी व सुमेरपुर के कोविड केयर सेंटरों पर भर्ती मरीज सिर्फ ऑक्सीजन के भरोसे है। इस कारण ऑक्सीजन की खपत भी लगातार बढ़ गई है। अभी हालात यह है कि रोजाना करीब 700 सिलेण्डर ऑक्सीजन सिलेण्डरों की जरूरत पड़ रही है। जो रास और सुमेरपुर क्षेत्र से आ रहे है। बांगड़ चिकित्सालय में लगा ऑक्सीजन प्लांट 90 सिलेण्डर जितनी ऑक्सीजन जनरेट कर रहा है।
फेफड़ों में बन रहा जाल
चिकित्सकों के अनुसार नए कोरोना वायरस के कारण फेफड़ों में मकड़ी के जाल की तरह एक जाल जैसा बन रहा है। जो फेफड़ों के छिद्रों को पूरी तरह बंद कर देता है। इस कारण उन छिद्रों में हवा नहीं भरती और मरीज का ऑक्सीजन लेवल 90 बहुत नीचे 55-50 तक आ जाता है। जिससे उसकी जान पर बन आती है।
ऑक्सीजन की कमी से शुरू नहीं हो रहा अस्पताल
बांगड़ अस्पताल में बेड की कमी है। मरीजों को 24 घंटे से अधिक समय तक बेड का इंजतार करना पड़ रहा है। जाडन आश्रम में 80 बेड का अस्पताल तैयार है, लेकिन वहां पर ऑक्सीजन की व्यवस्था नहीं है। जो सिलेण्डर आ रहे है उनमें से 500 अकेले बांगड़ चिकित्सालय में ही उपयोग हो रहे है। ऐसे में चिकित्सा विभाग व प्रशासन वह अस्पताल शुरू नहीं कर पा रहे है।
करीब 700 सिलेण्डर की खपत
अभी बांगड़ चिकित्सालय में 500 सिलेण्डर की रोजाना जरूरत पड़ रही है। जबकि अन्य सेंटरों पर 200 सिलेण्डर की खपत हो रही है। अन्य जगह पर ऑक्सीजन की जरूरत को पूरा करने के लिए कंसंट्रेटर मंगवाए है। इएसआई अस्पताल में भी सिलेण्डर भेज रहे हैं। -श्वेता चौहान, मुख्य कार्यकारिणी अधिकारी, जिला परिषद, पाली
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