विधायक वासुदेव देवनानी ने भी आरोप लगाया कि नीट एवं जेईई परीक्षाओं के आयोजन को लेकर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत दोहरे चरित्र का प्रदर्शन कर रहे है। देवनानी ने कहा कि आश्चर्य की बात है कि जब कांग्रेस सरकार ने लाखों विद्यार्थियों की बोर्ड परीक्षाएं आयोजित करवाई, आगे 31 अगस्त को 6 लाख विद्यार्थियों की बीएसटीसी में प्रवेश के लिए डीएलएड परीक्षा का आयोजन कराने जा रही है।
उस समय कोरोना का खतरा नजर नहीं आ रहा जबकि नीट व जेईई की ऑनलाइन होने वाली परीक्षा में तो इतने विद्यार्थी प्रदेश में शामिल भी नहीं होने वाले है।
इंजीनियरिंग व मेडिकल संस्थाओं में प्रवेश के लिए 2 वर्ष से तैयारी कर रहे विद्यार्थियों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए इन परीक्षाओं का आयोजन होना चाहिए। विद्यार्थियों के हित व उनके भविष्य की अनदेखी कर कांग्रेस तथा प्रदेश के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत द्वारा की जा रही राजनीति बेहद निंदनीय है।
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