करोड़ों लोगों के आस्था के केंद्र पुष्कर सरोवर के संरक्षण व संवर्धन की फिर से उच्च स्तरीय कवायद शुरू हो गई है। केंद्रीय झील संरक्षण समिति के सदस्य एवं महाराष्ट्र सरकार के सलाहकार अफरोज अहमद ने सोमवार को अधिकारियों के साथ सरोवर एवं राष्ट्रीय झील संरक्षण परियोजना के तहत निर्मित बरसाती फीडरों का अवलोकन किया।
उन्होंने बैठक लेकर अधिकारियों के साथ सरोवर के संरक्षण व संवर्धन पर विचार-विमर्श किया। सरोवर के जल को प्रदूषित होने से बचाने तथा ऑक्सीजन की मात्रा बढ़ाने के लिए सरोवर के बीच आनासागर झील की तर्ज पर ऐरिएशन प्लांट लगाने की आवश्यकता जताई। इसके अलावा सरोवर के संरक्षण के लिए आमजन की भागीदारी पर चर्चा की।
अहमद ने बताया कि सरोवर के संरक्षण के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएंगे। इसके लिए शीघ्र ही पुष्कर सरोवर की तथ्यात्मक रिपोर्ट तैयार कर केंद्र सरकार के समक्ष पेश की जाएगी। बैठक में नायब तहसीलदार रामकिशोर शर्मा, पालिका एईएन पारस जैन व वन विभाग के अधिकारी मौजूद थे। इससे पहले रविवार को अहमद ने मुख्यमंत्री से मुलाकात कर पुष्कर सरोवर व आनासागर झील के संरक्षण पर चर्चा की। मालूम हो कि केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय झील संरक्षण परियोजना के तहत करीब दस साल पूर्व पुष्कर सरोवर के संरक्षण व संवर्धन के लिए करीब 50 करोड़ रुपए खर्च किए थे।
Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today