जयपुर. अश्विन माह में नौ दिन के शारदीय नवरात्रि उत्सव के दौरान अष्टमी तिथि भी पड़ती है. इसे दुर्गाष्टमी या महाष्टमी कहते हैं. इसके साथ ही हर माह की शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि को भी दुर्गाअष्टमी मनाई जाती है. मासिक दुर्गाअष्टमी के दिन व्रत रखकर मां दुर्गा की पूजा करने का विधान है. मार्च 2021 में मासिक दुर्गा अष्टमी का व्रत 22 मार्च सोमवार को रखा जा रहा है.
ज्योतिषाचार्य पंडित सोमेश परसाई बताते हैं कि मासिक दुर्गाष्टमी के दिन स्नान करके मां दुर्गा का ध्यान करते हुए व्रत और पूजन का संकल्प लें. फिर पूजा स्थान पर लकड़ी के पाट पर लाल वस्त्र बिछाकर उस पर माँ दुर्गा की प्रतिमा या चित्र स्थापित कर लें. अब धूप और दीपक जलाएं तथा माता को अक्षत, सिन्दूर और लाल पुष्प अर्पित करें. प्रसाद के रूप में मौसमी फल और मिष्ठान्न चढ़ाएं. फिर माता की आरती करें.
इस दिन दुर्गा चालीसा का पाठ जरूर करें. पाठ संपन्न होने पर दोनों हाथ जोड़कर देवी से पूजा में हुई गल्तियों को क्षमा करने की प्रार्थना करें. माता के समक्ष अपने मनोरथ व्यक्त करें. ज्योतिषाचार्य पंडित नरेंद्र नागर के अनुसार वैसे तो उदया तिथि के अनुसार आज दिनभर दुर्गा पूजा कर सकते हैं पर संभव हो तो सुबह 9 बजे के पूर्व दुर्गा पूजा करें. दुर्गाष्टमी की कथा भी बांचें.
source https://www.patrika.com/jaipur-news/masik-durgashtami-2021-shubh-muhurat-masik-durgashtami-2021-date-6758831/