अजमेर.
कोरोना संक्रमण इंजीनियरिंग कॉलेज बड़ल्या सहित विद्यार्थियों को नुकसान पहुंचा रहा है। यहां पांच को ब्रांच नेशनल बोर्ड ऑफ एक्रिडेशन से ग्रेडिंग और विद्यार्थियों को सीट बढऩे का इंतजार है। लेकिन बीते डेढ़ साल से स्थिति यथावत है।
तकनीकी विश्वविद्यालयों और इंजीनियरिंग कॉलेज को नेशनल बोर्ड ऑफ एक्रिडेशन (नैब) से ब्रांचवार अथवा समूचे कॉलेज के लिए ग्रेडिंग जरूरी है। ग्रेडिंग से तकनीकी संस्थानों और इनमें संचालति ब्रांच को नए कोर्स, शोध और बजट में फायदा मिलता है।
480 सीट हैं कॉलेज में
कॉलेज में नैब ग्रेडिंग के लिए आवेदन करने वाली ब्रांच में 360 सीट शामिल हैं। ग्रेडिंग मिलने के बाद पांचों ब्रांच में 20 से 60 सीट बढ़ सकती हैं। इससे विद्यार्थियों को प्रवेश में फायदा मिलेगा। साथ ही कॉलेज को वित्तीय लाभ होगा।
यह ब्रांच शामिल
इलेक्ट्रिॉनिक्स एंड कम्यूनिकेशन, कंप्यूटर इंजीनियरिंग, मैकेनिकल इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रॉनिक इंस्ट्रूमेंट्स एंड कंट्रोल इंजीनियरिंग
कोरोना संक्रमण से टला दौरा
नेशनल बोर्ड ऑफ एक्रिडेशन की टीम को बीते वर्ष फरवरी में शैक्षिक कामकाज, प्रयोगशाला, मूलभूत संसाधनों, विद्यार्थियों से बातचीत कर पियर रिपोर्ट तैयार करनी थी। लेकिन लॉकडाउन और कोरोना संक्रमण के चलते टीम पूरे साल नहीं आ पाई। इस बार भी हालात यथावत हैं। रिपोर्ट के आधार पर बोर्ड की गवर्निंग कौंसिल ए, ए प्लस-प्लस, बी, बी प्लस-प्लस या अन्य ग्रेड मिल सकती है।
ऑटोनॉमस संस्थान बनाने पर जोर
केंद्र सरकार की टेक्यूप योजना से 10 आईआईटी, 7 आईआईएम, 30 एनआईटी, 7 ट्रिपल आईआईटी और कई इंजीनियरिंग कॉलेज, विश्वविद्यालय जुड़े हैं। सभी संस्थाओं को शैक्षिक गुणवत्ता और उन्नयन के लिए स्वायत्तशासी (ऑटोनॉमस) बनना पड़ेगा। तभी संस्थाओं को अनुदान मिल सकेगा।
कोरोना संक्रमण के चलते ग्रेडिंग और निरीक्षण कार्य अटका है। निश्चित तौर पर इससे सीट में बढ़ोतरी होगी। विद्यार्थियों को ज्यादा प्रवेश मिलेंगे।
डॉ. रेखा मेहरा, प्राचार्य इंजीनियरिंग कॉलेज
source https://www.patrika.com/ajmer-news/big-task-engineering-college-wait-for-nab-accreditation-6829464/