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शनिवार, 30 मई 2020

10वीं और 12वीं की परीक्षाएं जून में होंगी, प्रदेश में 31 मई के बाद भी शाम 7 से सुबह 7 बजे तक लागू रहेगा कर्फ्यू

10वीं और 12वीं की परीक्षाएं जून में होंगी, प्रदेश में 31 मई के बाद भी शाम 7 से सुबह 7 बजे तक लागू रहेगा कर्फ्यू
जयपुर : सीएम अशोक गहलोत ने शुक्रवार को तीन बड़े ऐलान किए। पहला- राजस्थान बोर्ड की 10वीं-12वीं की बची हुई परीक्षाएं जून में होंगी। जल्द परीक्षा का टाइम टेबल जारी किया जाएगा। दूसरा- 31 मई के बाद भी प्रदेशभर में रात्रिकालीन कर्फ्यू जारी रहेगा। यानी शाम 7 से सुबह 7 बजे तक इमरजेंसी सेवाओं के अलावा सबकुछ बंद रहेगा। तीसरा- गहलोत ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सुप्रीम कोर्ट की भावना के अनुरूप निजी अस्पतालों में कोरोना के निशुल्क इलाज के लिए एक एडवाइजरी जारी की जाए। जो भी अस्पताल इसका उल्लंघन करे, उसके विरुद्ध कार्रवाई का प्रावधान हो। गहलोत ने सीएम निवास पर कोरोना संक्रमण को लेकर हुई उच्च स्तरीय बैठक के दौरान ये अहम फैसले किए।
सीएम ने 10वीं-12वीं की बची हुई परीक्षाएं कराने के लिए शिक्षा विभाग के अधिकारियों काे समुचित व्यवस्थाएं करने के निर्देश दिए। अब इन परीक्षाओं की तिथियों का कार्यक्रम राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड, अजमेर द्वारा जारी किया जाएगा। सीएम ने अधिकारियाें काे इन दौरान काेराेना संदर्भ में जारी हेल्थ प्रोटाेकाॅल की पालना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। कंटोनमेंट जोन को लेकर सीएम गहलोत ने कहा कि एक्टिव केसेज की संख्या के अनुसार इनका दोबारा निर्धारण करें। ताकि केवल संक्रमित क्षेत्र में ही कर्फ्यू रहे। यह भी कहा कि प्रशासन हेल्थ प्रोटोकाॅल की सख्ती से पालना के लिए कैमरों सहित अन्य माध्यमों से प्रभावी निगरानी करे। महामारी अध्यादेश के तहत लागू पेनाल्टी व जुर्माने के प्रावधानों में किसी तरह की कोई शिथिलता न बरती जाए।
मुख्यमंत्री ने ये 4 अहम घोषणाएं भी कीं...
1. श्रमिकों को सुगमता से रोजगार मिल सके, इसके लिए सोमवार से ‘राज कौशल राजस्थान एम्पलाॅयमेंट एक्सचेंज’ का शुभारंभ होगा।
2. अनावश्यक खर्चों पर रोक के लिए कमेटी बनेगी। ताकि खर्चों का विश्लेषण कर बची धनराशि जरूरी व जनउपयोगी कामों में लग सके।
3. जिला अस्पताल से सब सेंटर तक हेल्थ इन्फ्रास्ट्रक्चर मजबूत हो ताकि जुलाई-अगस्त में काेरोना का दूसरा दौर आए तो निपट सकें।
4. बच्चों के टीकाकरण अभियान में कोई कमी नहीं रहे। राजकीय चिकित्सालयों में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध हों।