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मंगलवार, 26 मई 2020

जेएलएन में भर्ती बुजुर्ग के पॉजिटिव हाेने से पहले 3 बार की गई काेराेना जांच, रिपोर्ट आई थी निगेटिव

जेएलएन में भर्ती बुजुर्ग के पॉजिटिव हाेने से पहले 3 बार की गई काेराेना जांच, रिपोर्ट आई थी निगेटिव











किशनगढ़ : ग्राम हरमाड़ा निवासी 60 वर्षीय बुजुर्ग पैर में फोड़ा होने की वजह से 15 मई को अजमेर जेएलएन अस्पताल में दिखाने गया था। डॉक्टरों ने उसे भर्ती कर लिया। तब से बुजुर्ग का अस्पताल में ही उपचार चल रहा है। इस दौरान बुजुर्ग की तीन बार कोरोना जांच की गई और तीनों जांच निगेटिव आई। दो दिन पूर्व फिर से बुजुर्ग की कोरोना की चाैथी बार जांच की गई ताे रविवार की देर शाम उनकी रिपोर्ट पॉजिटिव आ गई।
इसकाे लेकर लाेगाें की जुबान पर अब यह सवाल भी खड़ा हाे गया है कि अस्पताल में भर्ती किए जाने के बाद बुजुर्ग वहां से बाहर ही नहीं निकला फिर वह पाॅजिटिव कैसे हाे गया? वह भी तब जब अस्पताल प्रशासन ने काेराेना काे देखते हुए अस्पताल परिसर में भी पूरी तरह से सख्ती बरत रखी है। इसी के साथ ही जिले का नहीं बल्कि पूरे प्रदेश का शायद यह पहला ऐसा मामला बन गया है कि जब काेई व्यक्ति चाैथी बार की जांच में काेराेना पाॅजिटिव हुआ हाे।
कोरोना पॉजिटिव मिलने का हरमाड़ा गांव में पहला केस सामने पर कर्फ्यू लगाए जाने के भय काे लेकर ग्रामीणाें में खलबली मच गई। बुजुर्ग के पॉजिटिव आने की जानकारी हालांकि सीएमएचओ कार्यालय से रविवार की देर शाम को ही मिल गई। लेकिन असमंजस के चलते देर शाम को स्क्रीनिंग के लिए टीमों को भेजा गया।
सोमवार को दिन भर टीमों ने घर-घर जाकर स्क्रीनिंग की। बुजुर्ग के दस दिन से अजमेर जेएलएन अस्पताल में होने की वजह से क्षेत्र में कर्फ्यू लगाने की जरूरत नहीं पड़ी। चिकित्सा विभाग ने परिवार के 9 जनों की कोरोना जांच के लिए सैंपल भेजे हैं। बुजुर्ग के पॉजिटिव मिलने के साथ ही किशनगढ़ विधानसभा क्षेत्र में पॉजिटिव केस की संख्या बढ़कर आठ हो गई है।
और इधर किशनगढ़ में घंटाें रहा असमंजस, सैंपल ही नहीं लिया ताे पाॅजिटिव कैसे
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी अजमेर कार्यालय ने हरमाड़ा के बुजुर्ग की काेराेना रिपाेर्ट पाॅजिटिव आने की खबर ने यज्ञनारायण अस्पताल और ब्लॉक सीएमएचओ किशनगढ़ प्रशासन की नींद उड़ा दी। दाेनाें के बीच असमंजस की स्थिति बनी रही। यज्ञनारायण अस्पताल इस बात को लेकर संशय में था कि बुजुर्ग का यज्ञनारायण अस्पताल में ना तो उपचार हुआ, ना जांच और ना ही भर्ती किया गया। यहां से सैंपल नहीं लिए गए तो पॉजिटिव कहां से आ गया। इसको लेकर घंटों असमंजस बरकरार रहा।
बाद में उन्हें पता चला कि बुजुर्ग सीधे अजमेर में जवाहर लाल नेहरू चिकित्सालय में भर्ती था। बाद में पीएमओ डॉ. अशोक जैन ने ऐहतियात के तौर पर हरमाड़ा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र प्रभारी डॉ. श्यामसुंदर बंसल को घटना की जानकारी देते हुए टीम को बुजुर्ग के घर स्क्रीनिंग के लिए जाने के लिए कहा। विभाग ने रातों रात घर-घर सर्वे कराया।
आठवां मामला, पहला ऐसा जब कर्फ्यू नहीं लगा
किशनगढ़ विधानसभा क्षेत्र में बुजुर्ग के पॉजिटिव आने का यह आठवां मामला है। लेकिन पहला मामला ऐसा है जब पॉजिटिव मिले व्यक्ति के क्षेत्र में कर्फ्यू नहीं लगाया गया। इसकी मुख्य वजह पीड़ित व्यक्ति पिछले 10 दिनों से अजमेर स्थित जवाहरलाल नेहरू अस्पताल में ही भर्ती है। वह ना तो हरमाड़ा के किसी व्यक्ति के संपर्क में आया था और ना ही हरमाड़ा का कोई व्यक्ति उसके संपर्क में आया। उसके साथ उसका पुत्र भी अजमेर उसके साथ ही गया हुआ है वह भी आज तक हरमाड़ा नहीं आया।
किसी से संपर्क वाली स्थिति नहीं होने के कारण हरमाड़ा में कर्फ्यू नहीं लगाया गया है। हरमाड़ा में जनजीवन अन्य दिनों की तरह ही सब कुछ लॉकडाउन 4 की तरह ही नजर आया था।
गांव में मचा हड़कंप
हरमाडा कस्बे का व्यक्ति पॉजिटिव आने पर गांव में हड़कंप सा मच गया। रविवार की रात्रि में ही हरमाड़ा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी डॉ श्याम सुंदर बंसल, आशा नेल्सन, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के साथ पॉजिटिव पीड़ित के घर पहुंचकर नौ सदस्यों की थर्मल स्क्रीनिंग कर सैंपल भेज दिए। परिवार के सभी सदस्यों को होम आइसोलेटेड कर दिया। सूचना पर पुलिस उपाधीक्षक ग्रामीण सतीश यादव, बांदरसिंदरी थाना प्रभारी प्रीति रत्नू, चौकी प्रभारी भंवर सिंह ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया।
सोमवार को भी दिन घर-घर सर्वे किया गया। स्वास्थ्य केंद्र के अधीन समस्त एएनएम को बुलाकर व आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं सहित छह टीमें बनाकर हरमाड़ा गांव का घर-घर सर्वे का कार्य से ही शुरू करवा दिया गया।