राज्य के भीतर सोना लाने-ले जाने पर ई-वे बिल जरूरी हो सकता है। जीएसटी काउंसिल इस पर विचार कर रही है। मंत्री समूह इस बात पर सहमत है कि कर चोरी रोकने के लिए राज्य अपने स्तर से ऐसा प्रावधान कर सकते हैं।
मंत्री समूह पैनल के अध्यक्ष व केरल के वित्त मंत्री थॉमस इजाक ने कहा कि अभी 50 हजार से ज्यादा मूल्य के सामान को एक से दूसरे राज्य में भेजने या लाने पर ई-वे बिल जरूरी है, लेकिन सोने के संदर्भ में छूट है। कर चोरी और सोने की तस्करी को देखते हुए जीएसटी काउंसिल ने मंत्रियों का एक पैनल गठित किया था। इस प्रस्ताव को जीएसटी काउंसिल में रखा जाएगा।
ज्वैलर्स काे डर: कहां-कितनी कीमत का माल ले जा रहे... लीक हो सकता है
जयपुर सर्राफा ट्रेडर्स कमेटी के अध्यक्ष कैलाश मित्तल के अनुसार अभी ज्वैलर्स दूसरे राज्य में माल ले जाने के लिए अपने स्तर पर कागजी कार्यवाही कर लेते हैं। ई-वे बिल जनरेट होने से ज्वैलर्स कहां और कितनी कीमत का माल लेकर जा रहा है, इसकी जानकारी एंजेंसियों के अलावा संगठित अपराध करने वालों तक भी पहुंचेगी। इससे ज्वैलर्स व उसके माल की सुरक्षा खतरे में पड़ जाएगी।
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