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बुधवार, 21 अक्टूबर 2020

आधार का दलाल; 2 लाख की घूस मांगी, फिर 1 लाख में माना लेकिन शर्त रखी-9 फाइल ही पास करूंगा

एसीबी कोटा की टीम ने मंगलवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए केंद्र सरकार के सहायक निदेशक स्तर के अधिकारी को 1 लाख की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपी पंकज गोयल (43) केंद्र सरकार के यूनीक आइडेंटिफिकेशन अथाॅरिटी ऑफ इंडिया (यूआईडीएआई) के नई दिल्ली स्थित क्षेत्रीय कार्यालय में कार्यरत है।

आरोपी गोयल ने आधार पहचान पत्र बनाने की फ्रेंचाइजी देने के नाम पर रिश्वत मांगी थी। 1998 बैच के इंडियन टेलीकाॅम सर्विस के ऑफिसर पंकज राजस्थान, दिल्ली, मध्य प्रदेश और उत्तराखंड में आधार कार्ड का काम देख रहे थे।

एसीबी के डीजी भगवान लाल सैनी ने बताया कि पंकज गोयल के खिलाफ कोटा इकाई को शिकायत मिली थी। परिवादी ने आधार पहचान पत्र बनाने की फ्रेंचाइजी के लिए आवेदन किया था। स्थानीय स्तर से फाइल पास हो गई, लेकिन दिल्ली में जाकर फाइल डंप हाे गई। कई बार आवेदन करने के बावजूद काम नहीं हुआ। इसके बाद फरियादी काेटा एसीबी के पास शिकायत दी। उसका आराेप था कि सहायक निदेशक पंकज गोयल ने फ्रेंचाइजी देने के लिए रिश्वत की मांग की।

मामला बड़े अधिकारी का था इसलिए एसीबी के एडीजी दिनेश एमएन के निर्देशन में एसीबी काेटा के एएसपी ठाकुर चंद्रशील और उनकी टीम ने शिकायत का सत्यापन कराया। कार्रवाई करने वाली टीम में एएसपी ठाकुर चंद्रशील के अलवा सीआई अजीत बगडोलिया, वरिष्ठ सहायक दिलीप सिंह, देवेन्द्र सिंह, भरत सिंह, नरेन्द्र सिंह, मनोज कुमार, घनश्याम, यश शर्मा, रवि सुवालका और बृजराज सिंह शामिल हैं।

इनसाइड स्टाेरी : वाट्सएप कॉल से मांगी थी रिश्वत की राशि, आराेपी से बरामद हुए 1 लाख रुपए
ठाकुर चंद्रशील, एएसपी एसीबी काेटा
(दिल्ली में कार्रवाई के बाद दैनिक भास्कर को बताया)
फरियादी ने हमसे 16 अक्टूबर काे शिकायत की थी। मामला बड़े अधिकारी से जुड़ा था इसलिए हम ट्रैप में काेई गलती छाेड़ना नहीं चाहते थे। इसलिए हमने सबसे पहले सत्यापन कराया, गाेपनीय सत्यापन के दाैरान आराेपी पंकज ने परिवादी काे वाट्सएप काॅल की और रिश्वत की मांग की। हमने इस काॅल की पूरी रिकाॅर्डिंग की। पुष्टि होने के 3 दिन बाद यानी 19 अक्टूबर को आरोपी पंकज गोयल ने परिवादी के मोबाइल पर वाट्सएप कॉल करके 1 लाख रुपए लेकर दिल्ली बुलाया।

फरियादी से ये जानकारी मिलते ही हमारी टीम दिल्ली रवाना हाे गई। प्लानिंग के अनुसार मंगलवार को फरियादी नई दिल्ली स्थित पंकज के ऑफिस में गया और 1 लाख रुपए दे दिए। पंकज ने रुपए अपने टेबल की दराज में रख दिए। फरियादी के इशारे पर एसीबी कमरे में घुस गई और उसके पास से 1 लाख रुपए बरामद कर लिए। पहले तो पंकज ने ना नुकुर की, लेकिन बाद में स्वीकार रिश्वत लेने की बात स्वीकार कर ली।

इंडियन टेलीकॉम सर्विस का अधिकारी है आरोपी, सीबीआई ने घर किया सील

आरोपी पंकज गोयल के घर की तलाशी लेने के लिए कोटा एसीबी की टीम ने सीबीआई की भी मदद ली। लेकिन, कार्रवाई की भनक आरोपी की पत्नी व बच्चे को लग गई। जैसे ही भनक लगी वे वहां से फरार हो गए। सीबीआई के साथ एसीबी के सिपाही मौके पर पहुंचे तो वहां ताला मिला। जिसके बाद सीबीआई व एसीबी ने उसके मकान को सील कर दिया है।

14 फाइलें अटकाकर बनाया था दबाव

एएसपी चन्द्रशील ठाकुर के मुताबिक फरियादी ने फ्रेंचाइजी के लिए 14 आवेदन लगाए थे। आरोपी असिस्टेंट डायरेक्टर पंकज ने प्रति फाइल 15-15 हजार रुपए की मांग की। उसने 10 हजार रुपए स्वयं और बाकी 5 हजार अन्य तीन अधिकारियों के लिए मांगे। इस हिसाब से कुल 2 लाख 10 हजार की रिश्वत की मांग की गई थी। फरियादी के बार-बार कहने पर आरोपी 1 लाख पर मान गया, लेकिन 14 की जगह सिर्फ 9 फाइलें पास करने की शर्त डाल दी। यानी एक लाख लेने के बाद भी 5 फाइलें अटकी रहतीं, जिनके लिए बाद में रिश्वत देनी पड़ती।

ठाकुर ने कहा कि फरियादी ने हमें वाट्सएप पर शिकायत भेजी थी। जांच के दौरान फरियादी और आराेपी के बीच हुई फाेन काॅल से शिकायत सही पाई गई। इसके बाद मंगलवार काे एसीबी टीम ने कार्रवाई करते हुए यूएडीएआई के दिल्ली स्थित क्षेत्रीय कार्यालय में कार्रवाई करते हुए पंकज गाेयल काे 1 लाख की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथाें गिरफ्तार कर लिया। दिल्ली में प्राथमिक पूछताछ के बाद एसीबी आराेपी काे काेटा ला रही है।
एनराेलमेंट एजेंसी का डायरेक्टर भी शक के दायरे में

एसीबी सूत्रों के मुताबिक फरियादी पंकज गोयल के अलावा सूचना प्रौद्योगिकी विभाग में एलएसपी एनराेलमेंट एजेंसी तंवर कंप्लीट साॅल्यूशन के डायरेक्टर हंसराज तंवर से भी मिला था। तंवर ने प्रति फाइल 25 हजार रुपए की मांग की और राशि काे सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के आला अधिकारियों के बीच में बंटना बताया।

कहने-सुनने पर उसने ये राशि घटाकर 20 हजार रुपए कर दी। इधर, एएसपी ठाकुर चंद्रशील का कहना है कि तंवर का नाम भी हमारी अब तक की जांच में सामने आया है, जिसकी विस्तृत जांच की जा रही है। इसके दलाल होने की बात भी सामने आई, लेकिन अभी जांच पूरी नहीं हुई है। दलाल या किसी दूसरे का जिसका भी रोल हुआ, सब आरोपी बनाए जाएंगे।

फरियादी बाेला- नियमों के अनुसार थी हमारी 14 फाइलें, फिर भी 6 महीने से उन्हें अटका रखा था इसलिए एसीबी को शिकायत दी

इस कार्रवाई में सबसे बड़ा सवाल ये है कि काेटा एसीबी के पास केस कैसे पहुंचा क्याेंकि फरियादी अजमेर का है। रिश्वत की मांग भी दिल्ली में की गई थी। इसलिए भास्कर ने फरियादी से ही बात करके मामले की हकीकत जानी। एडीजी पंकज गोयल को ट्रैप करवाने वाले फरियादी का एक्सक्लूसिव इंटरव्यू पढ़ें सिर्फ भास्कर में-

Q. किस काम के लिए रिश्वत मांगी गई?
A. मैं अजमेर में प्रदेश सरकार द्वारा अधिकृत लोकल सेवा प्रदाता प्राइवेट लिमिटेड कंपनी में जिला समन्वयक हूं। हमारी कंपनी नए ई-मित्र व आधार कियोस्क खोलने के लिए अधिकृत है। लोकल सर्विस प्रोवाइडर के माध्यम से मैंने नए आधार कियोस्क खोलने का आवेदन किया था, इसी के लिए रिश्वत मांगी गई।
Q. पंकज गोयल के संपर्क में आप कैसे आए और वाे आपसे कब से रिश्वत मांग रहा था?
A. मेरा आवेदन अजमेर व जयपुर से स्वीकृत हाे गया, लेकिन दिल्ली जाकर फाइल अटक गई। फाइल में किसी गलती की गुंजाइश नहीं थी क्योंकि वो दो बार चेक हो चुकी थी। दिल्ली गया ताे पंकज ने मुझसे रिश्वत की डायरेक्ट मांग की। करीब सालभर से मैं परेशान हूं। 6 माह से पंकज के संपर्क मैं हूं और तीन माह से तो वो लगातार पैसों की डिमांड कर रहे हैं।
Q. आपने रिश्वत देने की बजाए शिकायत करने की क्याें ठानी?
A. आधार कियोस्क खोलने का हमारा आवेदन पूरी तरह सही था। इसलिए अफसर को रिश्वत देना जायज नहीं लगा। तब मैंने ठान लिया कि ऐसे अफसरों को बेनकाब करना है।
Q. आप अजमेर के हो तो कोटा में शिकायत क्यों दी? क्या अजमेर एसीबी पर भरोसा नहीं हैं?
A. अजमेर एसीबी पर मुझे पूरा भरोसा है। दरअसल, मैंने ठाकुर चंद्रशील की वर्किंग देखी व सुनी है... अखबारों में इनके द्वारा ट्रैप की खबरें पढ़ी हैं। मैं इनसे बेहद प्रभावित था और मुझे लगा कि यह ऐसे अधिकारी हैं जो मुझे 100% रिलीफ दिलवाएंगे। सिर्फ इसलिए मैं कोटा आया और आप देखिए सिर्फ 6 दिनों में दिल्ली बैठा अधिकारी भी ट्रैप हो गया।
(सुरक्षा कारणों से दैनिक भास्कर फरियादी का नाम प्रकाशित नहीं कर रहा है।)



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आरोपी के दिल्ली ऑफिस में कार्रवाई करती एसीबी की टीम