कांग्रेस नेताओं एवं कार्यकर्ताओं को भले राजनीतिक नियुक्तियों के लिए अभी और इंतजार करना पड़े, लेकिन पसंदीदा अफसरों की नियुक्तियां हाथों-हाथ हो रही है। यहां तक पिछले एक महीने में ही रिटायर 5 अफसरों को बड़ी जिम्मेदारियां दी गई है।
इसमें पूर्व मुख्य सचिव डी. बी.गुप्ता, निवर्तमान डीजीपी डा. भूपेंद्र सिंह यादव, एसीबी प्रमुख से रिटायर डा. आलोक त्रिपाठी, पूर्व सीनियर आईएएस अधिकारी शैलेंद्र अग्रवाल एवं सलविंदर सिंह सोहाता शामिल हैं। करीब 3 महीने पहले सीएस से हटाकर सीएम के सलाहकार बनाए गए गुप्ता का कार्यकाल तो रिटायरमेंट वाले दिन 30 सितंबर को ही एक साल और बढ़ा दिया गया। वहीं, यादव को तो पुलिस मुख्यालय से विदाई के तत्काल बाद आरपीएससी का चेयरमैन बना दिया गया और उसी दिन उन्होंने नई जिम्मेदारी संभाल भी ली।
हालांकि, सरकारों में चुनिंदा एवं पसंदीदा अफसरों को रिटायरमेंट के बाद नए पदों पर आसीन करना कोई नई बात नहीं है। हर सरकार में ऐसा होता आया है कि रिटायरमेंट के बाद भी उनकी सेवाओं को किसी ने किसी रूप में आगे भी बरकरार रखा जाए। ऐसे में महत्वपूर्ण पदों पर उनकी नियुक्ति की जाती है। सरकार के लिहाज से यह ठीक भी है कि आखिर किसी न किसी अधिकारी को प्रमुख पदों पर बैठाना ही है तो फिर अपनी पसंद को ही क्यों नहीं बैठाया जाए।
2 कुलपति, पुलिस यूनिवर्सिटी में आईपीएस, कौशल यूनिवर्सिटी के आईएएस
30 सितंबर को एसीबी डीजी पद से रिटायर डा. आलोक त्रिपाठी को राज्य सरकार की सिफारिश पर राज्यपाल ने तीन दिन पहले ही सरदार पटेल पुलिस, सुरक्षा और दांडिक न्याय यूनिवर्सिटी, जोधपुर कुलपति की जिम्मेदारी दी है। वहीं, पूर्व केंद्रीय पर्यटन सचिवललित के. पंवार वर्तमान में राजस्थान आईएलडी कौशल यूनिवर्सिटी के कुलपति हैं। वे आरपीएससी चेयरमैन रह चुके हैं। उनकी यह दोनों ही नियुक्तियां भाजपा सरकार के दौरान की गई थी।
सीएम के गुप्ता एवं मायाराम, सरकार के शर्मा सलाहकार
मुख्यमंत्री और राज्य सरकार के सलाहकार के तौर पर तीन पूर्व आईएएस अधिकारी तैनात हैं। सरकार के गठन के साथ ही 21 दिसंबर, 2018 को केंद्र सरकार में वित्त सचिव से रिटायर अरविंद मायाराम को सीएम के सलाहकार और पूर्व वरिष्ठ आईएएस अधिकारी गोविंद शर्मा को सरकार के सलाहकार नियुक्त किए गए थे। जुलाई में पूर्व मुख्य सचिव भी सलाहकार नियुक्त किए गए और अब 30 सितंबर को रिटायरमेंट के बाद उनका कार्यकाल एक साल और बढ़ा दिया है।
रेरा में चेयरमैन पूर्व सीएस, दो पूर्व आईएएस सदस्य
पूर्व मुख्य सचिव निहाल चंद गोयल करीब डेढ़ साल पहले राज्य सरकार की ओर से रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी (रेरा), राजस्थान के चेयरमैन नियुक्त किए गए थे। पिछले महीने सरकार ने दो और सदस्यों की नियुक्ति की है। इसमें पूर्व आईएएस अधिकारी शैलेंद्र अग्रवाल एवं सलविंदर सिंह सोहाता शामिल हैं। इन सभी का कार्यकाल 5 साल का होगा।
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